Vivekananda Vani

That love which is perfectly unselfish, is the only love, and that is of God.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            Slave wants power to make slaves.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            The goal of mankind is knowledge.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            In the well-being of one's own nation is one 's own well-being.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            If a Hindu is not spiritual, I do not call him a Hindu.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                            Truth alone gives strength........ Strength is the medicine for the world's disease.  -Swami Vivekananda                                                                                                                                                           

vk images

Thursday, 31 May 2018

दिनांक 31 मई 2018 विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकरी डाॅ. दीपाली कयाल, चिकित्सा अधीकारी डाॅ. आलोक त्यागी व रेडियाग्राफर श्री संजय नरवरिया की विदाई समारोह

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
31 मई 2018

रामसेतु के निर्माण में गिलहरी की तरह हो हमारा योगदानः किशोर

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कयाल को दी भावभीनी विदाई

       बीना। यदि पूरे ब्रह्माण्ड को देखा जाए तो मनुष्य का अस्तित्व नगण्य है, किन्तु फिर भी अहंकार रहता है। ब्रह्माण्ड में अनेकों आकाश गंगाएं है, हजारों लाखों सौर मण्डल और अनेकों पृथ्वी होंगी। पृथ्वी पर अनेक देश और उनमें से एक भारत और फिर उसमें मध्यप्रदेश का बीना और फिर बीना में एक छोटा सा हमारा चिकित्सालय और हम। हमारा इतना छोटा सा अस्तित्व होने के बाद भी हम अहंकार करते है। हमें अपने अहंकार को छोडकर समर्पण भाव से योगदान देना चाहिए। जिस प्रकार रामसेतु के निर्माण में एक नन्ही गिलहरी ने अपना योगदान दिया उसी भांत से सेवा और समर्पण के भाव से हमें सदैव अपने कर्मपथ पर अग्रसर रहना चाहिए। यह एक परिवार है। जहां सबकी भूमिका तय है, बस हम अपनी अपनी भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन करें तो निश्चित ही यह चिकित्सालय सेवा के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान बन जाएगा। 
       यह बात विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकरी डाॅ. दीपाली कयाल, चिकित्सा अधीकारी डाॅ. आलोक त्यागी व रेडियाग्राफर श्री संजय नरवरिया की विदाई समारोह में विवेकानन्द केन्द्र के अखिल भारतीय संयुक्त महासचिव व चिकित्सालय के सचिव माननीय श्री किशोर जी टोकेकर ने कहे। इस अवसर पर चिकित्सालय के चेयरमैन डाॅ. सुरेश मोहन तिवारी ने कहा कि डाॅ. कयाल का यहां यह दूसरा यशस्वी कार्यकाल रहा। बीओआरएल के अधिकारी भी उनके कार्य की प्रशंसा करते हैं। हमें उनकी विनम्रता और समर्पण से प्रेरणा लेनी चाहिए। वे आगे भी जब चाहे यहां आएं उनका स्वागत है। डाॅ. आलोक भी एक कुशल चिकित्सक है, जब भी उनका मन शासकीय सेवा से भर जाए तो हम चाहेंगे कि वे भी यहां वापिस आएं। वहीं संजय नरवरिया ने पूरे समर्पण से यहां कार्य किया उनके भावी भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। 
        समारोह में डाॅ. राजकुमार कयाल ने कहा कि हमारे जीवन में जितनी अधिक चुनौतियां होंगी हम उतने अधिक बेहतर बनेंगे। निष्ठा से कार्य करें, जो भी कार्य करें उमसें प्रसन्नता का अनुभव करें। संस्था में लोग तो आते जाते रहते हैं। आज में यहां एक मजबूत नींव बनाकर जा रहा हूं। उस पर मजबूत भवन बनाना आपका दायित्व है। मेरी ईश्वर से प्रार्थना है, कि वे आपको स्वस्थ्य और समृद्ध बनाए रखे। इस मौके पर डाॅ. दीपाल कयाल ने कहा कि यहां हमें पूरा परिवार मिला, कभी अकेलापन नहीं लगा। कभी भी यह अनुभव नहीं हुआ कि हम अपने परिजनों से दूर है। जब जब समय मिला डाॅ. अधिकारी जी की मां से रविन्द्र संगीत सुना सीखा, यहां के स्टाफ के साथ नाइट वाॅक को मिस करूंगी। यहां का हर व्यक्ति हमें याद रहेगा। मैं माननीय किशोर भैया और तिवारी सर का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होने हमें यहां लाकर सेवा का अवसर दिया और आपके जैसा बडा परिवार हमको दिया। संस्था के वरिष्ठ फिजीशियन डाॅ. सुब्रत अधिकारी ने अपने उदबोधन में कहा कि डाॅ. कयाल का जीवन और व्यक्तित्व महर्षि या तपस्वी के समान है, वे अपने विषय के प्रति बेहद गंभीर है, इसलिए आसाम में उन्हे लाईफ टाईम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। वे अपने साथियों की हर सुविधा का ध्यान रखते है। इसलिए सबके हृदय में उनकी छवि एक निर्मल व्यक्ति की है। वहीं मेडम कयाल बहुआयामी व्यक्तित्व है, वे एक कुशल चिकित्सक, विश्वस्तरीय चित्रकार और व्यंजन बनाने की विधा में मास्टर हैं। डाॅ. आलोक हर समय विनम्रता से रहकर कार्य किए और हर दिन सीखने की ईच्छाशक्ति से मेरे पास आते थे। संजय भी काफी नाॅलेज रखते है, और अपने कार्य के प्रति समर्पित है।
        कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाॅ. एस.एन. उपाध्याय ने कहा कि यह चिकित्सालय एक प्रयोगशाला है, जहां हमें जीवन के क्षेत्र के लिए ज्यादा से ज्यादा सीखने के मिलता है। यहां जो सीखा है, उसे आगे के जीवन में  अपनाए और यश प्राप्त करें। वहीं डाॅ. कयाल दम्पति एक आदर्श दम्पति है, उनसे हम सब को प्रेरणा लेनी चाहिए। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाॅ. राजदीप नंद ने कहा कि डाॅ. कयाल सर एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व के धनी है, वे सभी को बराबर मानते है, और एक नजरिए से देखते हैं। वहीं कयाल दीदी तो हमारे लिए बडी बहन के समान है, वे हम सबका पूरा ध्यान रखती थी। वे एक ग्लोबल पर्सनेलिटी है, किशोरी बालिकाओं के व्यक्तित्व का विकास हो या फिर गरीब बच्चों का उपचार उनमें दीदी सबसे आगे रहकर कार्य करती थी। 
      कार्यक्रम में डाॅ. सत्यप्रकाश पटेल, डाॅ. आशीष तिवारी, होम्योपैथिक फिजीशियन डाॅ. संगीता जैन, सिस्टर इंचार्ज श्रीमती रजनी मैसी, स्टोर इंचार्ज श्री धन्नालाल प्रजापति आदि ने अपने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में आईटी तकनीशियन श्री रितेश रस्तोगी ने बांसुरी वादन किया। कार्यक्रम का संचालन मेडिको सोशल वर्कर सौरभ मराठे, कार्यालय अधीक्षक राहुल उदैनिया व आभार चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल ने व्यक्त किया।  

प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

Friday, 25 May 2018

दिनांक 23 मई से 25 मई 2018 तक आफतखेडी टगर गांव में सघन पोषण अभियान के तहत शिविर का आयोजन

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
आफतखेडी टगर गांव में सघन पोषण अभियान के तहत शिविर का आयोजन


विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय व समन्वय मण्डपम् का संयुक्त प्रयास

कुपोषित बच्चों व किशोरी बालिकाओं की जांच कर दिया परामर्श
       बीना। भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड की सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत तय हांसलखेडी ग्राम पंचायत के अन्र्तगत आने वाले आदिवासी गांव ‘आफतखेडी टगर‘ में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय तथा समन्वय मण्डपम् सामाजिक संस्था द्वारा संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत ‘सघन पोषण अभियान‘ कार्यक्रम के तहत दिनांक 23 मई से 25 मई 2018 तक तीन दिवसीय जांच परामर्श शिविर का आयोजन किया। उक्त कार्यक्रम में गांव के करीब 65 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा गांव में 2 वर्ष से कम आयु के 16 बच्चों में से 12 कुपोषित पाए गए जिनका उपचार कर उनकी माताओं को परवरिश का सही तरीका बताया गया। वहीं गांव की करीब 12 किशोरी बालिकाओं की भी जांच कर उनको दवाएं दी गई और उन्हे सही जीवन हेतु विविध जानकारी भी दी गई। गांव में तीन बच्चे दिव्यांग पाए गए जिनके उपचार के लिए राज्य बाल आयोग के अध्यक्ष को सूचित कर उनके उपचार व पुनर्वास की भी चर्चा की गई। 
     शिविर में बच्चों की जांच व परामर्श विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल व वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाॅ. श्रीमती दीपाली कयाल द्वारा दिया गया। शिविर में बच्चों को एकाग्रतावर्धक खेल खिलाए गए तथा भजन व जयघोष का भी अभ्यास कराया गया। वहीं गांव की किशोरी बालिकाओं ने कुपोषित बच्चों का ध्यान रखने का संकल्प भी लिया। डाॅ. राजकुमार कयाल ने नवजात शिशुओं के पोषण और आहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं गर्भवती माताओं को गर्भकाल में क्या क्या ध्यान रखना चाहिए ये सब महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उक्त गांव में समन्वय मण्डपम द्वारा प्रोजेक्टर पर प्रेरक डाॅक्युमेंटरी फिल्में दिखाई गई तथा स्टेशनरी भी बांटी गई। 
    विवेकानन्द केन्द्र के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल को गांववासियों ने बताया कि उक्त गांव में 35 परिवार है, किन्तु आज तक यहां सरकार द्वारा ना तो स्कूल बनाया गया और ना ही आंगनबाडी केन्द्र। गांव के लिए कोई पक्की सडक भी नहीं है, इस कारण से गांव के अधिकांश बच्चों ने आज तक स्कूल नहीं देखा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेता श्री अनिल ओझा ने आश्वासन दिया कि इस गांव के लिए जल्द ही सडक बनेगी।शिविर में समन्वय मण्डपम् के सचिव श्री सत्यजती ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता श्री अनिल ओझा व विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल, आइटी तकनीशियन श्री रीतेश रस्तोगी व समन्वय मण्डपम् के स्वयंसेवक श्री रिंकू व श्री अजय पाल की भी उपस्थिति रही। वहीं नर्सिंग स्टाफ में स्टाफ नर्स श्रीमती टीजा पिण्टो, श्रीमती अनु प्रवीण तथा कु. पूनम अहिरवार व वार्ड स्टाफ सदस्य श्री प्रमोद चढार, श्री अशोक लोधी व श्री रविन्द्र पचैरी ने सहयोग किया।

प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

Wednesday, 23 May 2018

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय तथा समन्वय मण्डपम् सामाजिक संस्था द्वारा संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत सघन पोषण अभियान

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
हांसलखेडी में बच्चों को बांटी खेल सामग्री        
23 मई 2018

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय व समन्वय मण्डपम् का संयुक्त प्रयास 

कैरम, चैस, बाॅलीबाॅल आदि का बच्चों को देंगे प्रशिक्षण



       बीना। भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड की सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत तय हांसलखेडी गांव के आदिवासी टपरा में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय तथा समन्वय मण्डपम् सामाजिक संस्था द्वारा संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत सघन पोषण अभियान कार्यक्रम का विगत सप्ताह आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में लगातार आठ दिनों तक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण व किशोरी बालिकाओं को परामर्श प्रदान किया गया। उक्त अभियान के तहत 23 मई 2018 को गांव के करीब 40 बच्चों के समग्र विकास की दृष्टि से उन्हे खेल गतिविधियों के प्रशिक्षण देने के लिए खेल सामग्री वितरित की गई।
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल, समन्वय मण्डपम् के सचिव श्री सत्यजती ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता श्री अनिल ओझा व विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल ने बच्चों को बाॅली बाॅल, कैरम, चैस आदि के लिए खेल सामग्री वितरित की। समन्वय मण्डपम् के स्वयंसेवक श्री रिंकू द्वारा यहां आगामी दो सप्ताह तक बच्चों को खेलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 
प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

Sunday, 13 May 2018

दिनांक 13 मई 2018 ‘वेल्थ आॅफ वैलनेस वीक सेलीब्रेशन‘ के तहत महिला स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
 वूमेन हेल्थ चैकअप कैम्प रिपोर्ट 

बीओआरएल टाउनशिप में हेल्थ चैकअप कैम्प में हुई 55 महिलाओं की जांच


विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय तथा ओएचसी की टीम का संयुक्त प्रयास
       बीना। भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड की ओएचसी तथा विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की टीम द्वारा संयुक्त रूप से बीओआरएल टाउनशिप स्थित खजुराहो क्लब परिसर के ओरछा सभागार में ‘वेल्थ आॅफ वैलनेस वीक सेलीब्रेशन‘ के तहत दिनांक 13 मई 2018 को एक महिला स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया जिसमें महिलाओं के साथ ही पांच वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण व आवश्यक जांचे की गई तथा दवा वितरण किया गया। 
      शिविर में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ठ शिशु एवं बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. राजकुमार कयाल, ओएचसी से डाॅ. बृजबिहारी सोनी, डाॅ. प्रवीण बागमार ने शिविर में पहुंची महिलाओं की जांच की। बच्चों की जांच डाॅ. कयाल ने की। शिविर में पहुंची महिलाओं के पंजीयन पश्चात् सामान्य जांचे जिनमें उंचाई, वजन, बीएमआई, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, विजन स्क्रिनिंग तथा थायराइड की जांच की गई, तत्पश्चात् परामर्श व दवा प्रदान की गई।
     शिविर में 55 महिलाओं व 18 बच्चों की जांच की गई। शिविर में चिकित्सकों के अलावा चिकित्सालय से स्टाफ नर्स कु. उर्मिला यादव, कु. पूनम अहिरवार, लैब तकनीशियन श्रीमती वंदना तिलोरे तथा ओएचसी से पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहा। 
प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

हांसलखेडी गांव में कुपोषित बच्चों व किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
सघन पोषण अभियान कार्यक्रम रिपोर्ट 13 मई 2018

हांसलखेडी गांव में कुपोषित बच्चों व किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण
किशोरी बालिकाओं को उपचार के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य की जानकारी दी।
बच्चों के लिए मनोरंजक खेल व स्पर्धाओं का भी किया आयोजन 

       बीना। भारत ओमान रिफायनरीज लिमिटेड द्वारा  सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत अधिकृत 22 गांवों के अन्र्तगत आने वाले गांव हांसलखेडी स्थित आदिवासी बस्ती हांसलखेडी टपरा मे विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, महिला एवं बाल विकास विभाग व सामाजिक संस्था समन्वय मण्डपम् के संयुक्त तत्वाधान में संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत सघन पोषण अभियान शरू किया गया है। जिसके तहत प्रतिदिन शाम को 5ः30 बजे से 7ः30 बजे तक शिशुओं, बच्चों, किशोरियों की जांच व उपचार किया जा रहा है। वहीं उनसे अनौपचारिक चर्चा के दौरान बेहतर स्वास्थ्य के तरीकों के बारे में चर्चा की जा रही है। गांव में जांच के दौरान पाए गए अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों का उपचार कराने के लिए उन्हे बीना स्थित पोषण पुर्नवास केन्द्र में भर्ती भी किया गया है। वहीं किशोरी बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हे आवश्यक दवाएं दी गई। उक्त बालिकाओं को बताया गया कि वे स्वयं कैसे स्वस्थ रह सकती है, तथा गांव के शिशुओं की देखरेख व उनकी बेहतर परवरिश में अपना अमूल्य योगदान कैसे दे सकती है। 
   शिविर में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ठ शिशु एवं बालरोग विशेषज्ञ डाॅ. राजकुमार कयाल ने अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों को आवश्यक दवाएं दी तथा उन्हे एनआरसी में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उक्त सभी बच्चों को समन्वय मण्डपम् व आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा एनआरसी पहुंचाया गया। जहां उनका उपचार और पुनर्वास कैसा चल रहा है, इसकी जानकारी भी डाॅ. कयाल और समन्वय मण्डपम् के सचिव श्री सत्यजीत ठाकुर ने वहां पहुंचकर ली। शिविर में प्रतिदिन बच्चों को प्रेरक बातें व बेहतर स्वास्थ्य के टीप्स भी दिए जा रहे हैं, शिविर में बच्चों को मनोरंजक खेल खिलाए गए वहीं आगे भी उन्हे आउटडोर गेम भी खिलाए जाएंगे। जिनमें बैडमिंटन, कुश्ती और फुटबाल आदि शामिल है। उक्त बच्चों के लिए छोटी छोटी प्रतियोगिता जिनमें भजन गायन, चित्रकला प्रतियोगिता आदि का भी आयोजन किया जा रहा है। वहीं प्रोजेक्टर पर प्रेरक डाॅक्युमेंट्री फिल्म व भजन आदि भी दिखाए जा रहे है । 
   डाॅ. कयाल के मार्गदर्शन में विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की बीना शाखा संस्कार वर्ग प्रमुख श्री आनंद चढार द्वारा संस्कार वर्ग शुरू किया जाएगा। संस्कार वर्ग में योग, प्रार्थना, खेल व कथा-कथन और संकल्प के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रयास शुरू किया जाएगा। हांसलखेडी टपरा में चल रहे सघन पोषण अभियान शिविर के संचालन में डाॅ. राजकुमार कयाल, चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल, नर्सिंग स्टाफ श्रीमती टीजा पिंटो, कु. सुनीता भिलाला, कु. पूनम अहिरवार वार्ड स्टाफ श्री अशोक लोधी, समन्वय मण्डपम् के सचिव श्री सत्यजीत ठाकुर तथा उनके स्वयंसेवक कार्यकर्ता एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता आदि सहयोग कर रहे है। 
प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना






Saturday, 12 May 2018

दिनांक 12 मई 2018 को अन्तरराष्टीय नर्स दिवस मनाया गया

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
इन्टरनेशनल नर्सिंग डे सेलीबे्रशन प्रतिवेदन

संवेदना और सेवा की प्रतिमूर्ति होती है नर्सःडाॅ. कयाल

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में संकल्प के साथ मना इन्टरनेशनल नर्सेस डे
     बीना। विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में दिनांक 12 मई 2018 को अन्तरराष्टीय नर्स दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल ने सभी स्टाफ नर्सेस को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार इतिहास में त्यागमूर्ति पन्ना धाय ने अपने राज्य के राजकुमार उदय सिंह के प्राण बचाने के लिए अपने पुत्र का बलिदान दिया यह इतिहास में सेवा के एक अनुपम उदाहरण है। यह विधा मिडवायफरी की विधा है जिसके तहत ही पन्ना धाय धाय मां का काम किया करती थी। आज हम नर्सिंग प्रोफेशन जो जिस सुगठित रूप में देखते है, वह रूप ब्रिटिश सेना में रहीं नर्स सुश्री फ्लोरेंस नाइटएंजिल के कारण है। वे अपने सेवा काल में भारत भी आई थी। आज बडी संख्या में स्टाफ नर्स की देश को जरूरत है, उस अनुपात में कम ही लोग नर्सिंग में अपना करियर बना रहे है। आज भी क्वालिटी केयर जी जरूरत महसूस की जा रही है।

      कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कयाल ने आगे कहा कि आज आधुनिक युग में नए नए गैजेट्स आ रहे है, जिनका उपयोग करना हमें आना चाहिए। वहीं हमें त्रुटिरहित रिकाॅर्ड कीपिंग पर ध्यान देना होगा। मेडिको लीगल डाॅक्युमेंट को सहेजकर रखने की विधा भी हमें बेहतरीन ढंग से आनी चाहिए। अपनी विधा को बेहतर बनाने के लिए हमें समय समय पर अपने ज्ञान को सीएमई और काॅन्फेस के माध्यम से अपडेट करते रहना चाहिए। हमें मरीजों की रूटीन केयर पर भी पूरा ध्यान दें। हमारा लक्ष्य हो कि हम मरीजों को एरर फ्री सर्विस दे सकें।
     कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डाॅ. राजदीप नंद ने कहा कि हमें नर्सिंग के कोड आॅफ कन्डक्ट का पूरी तरह से पालन करना चाहिए वही गरीब और असहाय मरीजों की सेवा पूरे मनोयोग से करनी चाहिए। हमारा लक्ष्य हो कि हम भेदभाव रहित सेवा सभी को दे पाएं। कार्यक्र में सभी नर्सिंग स्टाफ के सभी सदस्यों ने कैंण्डल लेकर संकल्प लिया। कार्यक्रम में नर्सिंग इंचार्ज श्रीमती रजनी मैसी, स्टोर इंचार्ज श्री धन्नालाल प्रजापति तथा मेल स्टाफ नर्स श्री कमल रैयकवार ने भी नर्सिंग डे का महत्व सबके समक्ष रखा। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन सिस्टर इंचार्ज श्रीमती रजनी मैसी ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन मेल स्टाफ नर्स श्री पवन वर्मा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. दीपाली कयाल, चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल, कार्यालय अधीक्षक श्री राहुल उदैनिया, सीआरएस इंचार्ज श्रीमती सुनीता पाण्डे, लैब तकनीशियन श्रीमती योगिता पटेल, श्री अभिषेक भदौरिया, श्री मनीष प्रजापति, रेडियोग्राफर श्री संजय नरवरिया, श्री अभय श्रीवास्तव, नेत्र तकनीशियन श्री सूबेदार विश्वकर्मा सहित सभी नर्सिंग स्टाफ सदस्य उपस्थित रहा। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से किया गया।
प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना

Saturday, 5 May 2018

दिनांक 05 मई 2018 संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत एक बैठक का आयोजन

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना

संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत सघन पोषण अभियान की बैठक का प्रतिवेदन 

2020 तक कुपोषण मुक्त हो बीना ऐसी बनाएं कार्ययोजना - डॉ. कयाल 
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यकर्ताओं की बैठक में कुपोषण मिटाने का लिया संकल्प





विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में आंगनवाडी कार्यकर्ताओं की बैठक सम्पन्न

 बीना। विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में दिनांक 05 मई 2018 को संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत सघन पोषण अभियान की एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक एवं अधिकारीगण, सामाजिक संस्था समन्वय मण्डपम् के पदाधिकारी सहभागी रहे। बैठक में विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ. दीपाली कयाल, महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी श्रीमती निशा रतले, समन्वय मण्डपम् के सचिव श्री सत्यजीत ठाकुर चिकित्सालय के प्रशासनिक अधिकारी श्री गिरीश कुमार पाल, मेडिको सोशल वर्कर श्री सौरभ मराठे सहित बडी संख्या में आंगनीबाडी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं सुपरवारईजर सहभागी रहे।  
       बैठक को संबोधित करते हुए विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल ने कहा कि हमने बीना क्षेत्र में कुपोषण को मिटाने के लिए विगत 4 वर्षों में सघन प्रयास किए है। जिसके हमें  सकारात्मक परिणाम भी मिले है। उक्त अभियान के द्वितीय चरण में हमें लगातार एक माह तक अभियान चलाया और बडी संख्या में कुपोषित और अतिकुपोषित शिशुओं और बच्चों की जांच और उपचार में सफलता पाई। किन्तु अभी भी कुपोषण मिटा नहीं है। ऐसे में हमें एक बार फिर सघन अभियान और समग्र प्रयासों की जरूरत है। हम फिर से घर घर जाएं और कुपोषित बच्चों की माताओं से संवाद स्थापित करें। उन्हे सिखाएं और समझाएं कि यदि बच्चा कुपोषित रहा तो जीवन में न तो वह आगे तरक्की कर पाएगा और न ही बेहतर स्वास्थ्य पा सकेगा। इसलिए शिशुकाल से ही मां का दूध और 6 माह का होने पर ठोस आहार देना शुरू करे । दो वर्ष तक बच्चे का पूरा ध्यान रखें। हरी सब्जियां, दूध, घी, नारियल का तेल और मूंगफली से बने आहार खिलाएं। बच्चे को हर तीन घण्टे के अंतराल पर कुछ न कुछ खाने को दें। साफ सफाई रखें। गांवो की जो किशोरी बालिकाएं है, उन्हे हम स्वास्थ दूत बनाएं उन्हे प्रेरित करें कि वे कुपोषण को मिटाने के लिए गांव में माताओं के साथ संवाद करें और उन्हे समझाएं। खुद भी निडर होकर जिएं और अपने खान.पान और संस्कार के साथ शिक्षा.दीक्षा पर ध्यान दें। हम अपने अपने क्षेत्र में एक एक आंगनवाडी केन्द्र को आदर्श केन्द्र के रूप में विकसित करें। यदि हम कुपोषण को जड से खत्म करना चाहते हैं, तो हमें केवल आदेश मिलने पर ही नहीं बल्कि खुद की प्रेरणा से समाजहित में बढचढकर सहभाग लेना होगा। 
      डाॅ. कयाल ने आगे बताया कि हमें गांवों के पुजारियों और धार्मिक गुरूओं की मदद भी इस दिशा में लेनी चाहिए, किस प्रकार भगवान राम को बाल्यकाल में उनकी माता कौशल्या और श्री कृष्ण को उनकी मां यशोदा दौड दौडकर उनका मन बहलाकर खाना खिलाती थी वह बताया जाए। बच्चों को यदि बचपन में एक बार भी कुपोषण ने जकडा तो वे जीवन की हर बडी लडाई में पिछड जाएंगे। इसलिए हम लक्ष्य तय करें कि आने वाले 2020 तक हम अपने क्षेत्र से कुपोषण रूपी राक्षस को पूरी तरह से हरा देंगे। 
       बैठक में समन्वय मण्डपम् के सचिव श्री सत्यजीत ठाकुर ने कहा कि हम लोगों से लोकल लैंग्वेंज यानि उनकी ही भाषा और बोली में बात करें। बच्चों के बेहतर जीवन के लिए उन्हे बताएं घरों के आस पास हरी सब्जियां उगाने के लिए बोले, गौ पालन के लिए प्रेरित करें और सहजन के पौधे रोपने के लिए लोगों को बताएं। बैठक में आगामी कार्ययोजना तक की गई जिसमें कुछ अतिकुपोषित बच्चों के गांवों में सात सात दिन के वर्ग और आदर्श आंगनवाडी केन्द्र तय कर कार्य किया जाए यह तय किया गया। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी श्रीमती निशा रतले ने भी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर को संबोधित किया। सभी आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने क्षेत्र की कुछ समस्याएं भी रखी जिनमें मुख्य रूप से भवनों में विद्युत उपकरणए स्टेशनरीए फर्नीचर आदि की समस्या बताईं। 

प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पालए
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारीए
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय बीना

Friday, 4 May 2018

दिनांक 04 मई 2018 को निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया

विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय, बीना
निःशुल्क नेत्र जांच एवं परामर्श शिविर प्रतिवेदन 

नेत्र शिविर में 30 मरीजों की जांच, आपरेशन के लिए 02 चयनित 
सद्गुरू संकल्प नेत्र चिकित्सालय की टीम ने किया परीक्षण व उपचार

      
    बीना। विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय में दिनांक 04 मई 2018 को सद्गुरू संकल्प नेत्र चिकित्सालय के सहयोग से निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बीना, कुरवाई व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से 30 मरीज उपचार हेतु पहुंचे जिनकी जांच व उपचार किया गया। परीक्षण के बाद 02 मरीजों की आंखों में मोतियाबिंद पाया गया, जिन्हे बस द्वारा आनंदपुर स्थित सद्गुरू संकल्प नेत्र चिकित्सालय, विदिशा ले जाया गया जहां उसका निःशुल्क आपरेशन किया जाएगा। 
    विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. राजकुमार कयाल ने बताया है, कि सद्गुरू संकल्प नेत्र चिकित्सालय, आनंदपुर, लिटेरी जिला विदिशा की नेत्र विशेषज्ञ डाॅ. प्रेरणा राजपूत व उनके साथ आए नेत्र सहायकों की टीम ने मरीजों का परीक्षण किया। तेज गर्मी व तपिश के चलते शिविर में इस बार शिविरार्थी कम संख्या में चिकित्सालय पहुंचे। मरीजों की जांच व परामर्श के पश्चात् 21 मरीजों को निःशुल्क दवाएं वितरित की गई। सदगुरू संकल्प नेत्र चिकित्सालय की टीम में नेत्र विशेषज्ञ डाॅ. प्रेरणा राजपूत के अलावा सहयोगी के रूप में श्री कल्पेश शर्मा व श्री योगेश शर्मा आदि के अलावा विवेकानन्द केन्द बीओआरएल चिकित्सालय के नेत्र तकनीशियन श्री सूबेदार विश्वकर्मा, कु. एकता उपाध्याय का उल्लेखनीय योगदान रहा। 
     डाॅ. कयाल ने आगे बताया कि अगले माह के प्रथम शुक्रवार 01 जून 2018 को अगला निःशुल्क नेत्र जांच एवं उपचार शिविर आयोजित किया जाएगा। जो पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।


प्रतिवेदक
गिरीश कुमार पाल,
चिकित्सालय प्रशासनिक अधिकारी,
विवेकानन्द केन्द्र बीओआरएल चिकित्सालय,बीना